रेसिपी
breakfast
lunch
dinner
अंकुरित दालों की उसल (महाराष्ट्रीयन स्प्राउट्स करी)
अंकुरित मूंग, मटकी और काले चने से बनी पारंपरिक महाराष्ट्रीयन उसल। भुने नारियल और सुगंधित गोडा मसाले की ग्रेवी से भरपूर, शुद्ध शाकाहारी और ग्लूटेन-मुक्त।
पोषण मूल्य (प्रति सर्विंग)
प्रोटीन
8g
कार्ब्स
22g
फैट्स
5.5g
कैलोरी
155 kcal
फाइबर
6g
रसोइये के लिए निर्देश
- अंकुरित दालों को 3 मिनट हल्की भाप दें ताकि बाहरी बैक्टीरिया नष्ट हों और दालें कुरकुरी बनी रहें।
- प्याज और नारियल को धीमी आंच पर अच्छी सुगंध आने तक भूनें ताकि पारंपरिक उसल का स्वाद मिले।
- विटामिन सी को सुरक्षित रखने के लिए गैस बंद करने के बाद ही नींबू का रस और हरा धनिया मिलाएं।
सामग्री
- 160 ग्राम
- 15 ग्राम (लगभग 2 बड़े चम्मच)
- 50 ग्राम (1 छोटा प्याज)
- 80 ग्राम (1 मध्यम टमाटर)
- 1 बड़ा चम्मच (15 ग्राम)
- 1 डंठल (8-10 पत्ते)
- 1 छोटा चम्मच (5 मिली)
- 1/2 छोटा चम्मच
- 1/2 छोटा चम्मच
- 1/4 छोटा चम्मच
- 1/2 छोटा चम्मच
- 1 छोटा चम्मच
- 1/2 छोटा चम्मच
- 1/2 छोटा चम्मच
- 1 बड़ा चम्मच (15 मिली)
- स्वादानुसार
- 2 बड़े चम्मच
बनाने की विधि
अंकुरित मूंग, मटकी और काले चने से तैयार यह प्रामाणिक महाराष्ट्रीयन उसल भुने नारियल और मसालों के संतुलित स्वाद से भरपूर है। दालों को अंकुरित करने से उनके पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ता है, जबकि पत्थर के फूल (दगड़ फूल) से बना गोडा मसाला इसे खास महक और सोंधापन देता है।
मुख्य पोषण लाभ
- फाइटिक एसिड में कमी और बेहतर खनिज अवशोषण: दालों को अंकुरित करने से फाइटेज एंजाइम सक्रिय होकर फाइटिक एसिड को 60% से अधिक घटा देता है। इससे आयरन, जिंक और मैग्नीशियम का पाचन सुगम हो जाता है।
- नारियल के स्वस्थ फैट्स और मसालों का तालमेल: ताजे नारियल में मौजूद लॉरिक एसिड (मीडियम-चेन ट्राइग्लिसराइड) हल्दी के करक्यूमिन और कश्मीरी मिर्च के कैप्सांथिन जैसे वसा-घुलनशील तत्वों को शरीर में तेजी से सोखने में मदद करता है।
- आयरन का बेहतर उपयोग: अंकुरित दालों और ताजे नींबू के रस का विटामिन सी मिलकर गैर-हीम आयरन को फेरिक (Fe³⁺) से फेरस (Fe²⁺) रूप में बदलता है, जिससे खून में हीमोग्लोबिन निर्माण को गति मिलती है।
- आंतों के लिए प्रीबायोटिक फाइबर: प्रति सर्विंग 6 ग्राम प्राकृतिक फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक है।
बनाने की विधि
- हल्की भाप दें: 160 ग्राम अंकुरित दालों को छलनी में रखकर खौलते पानी की भाप में 3 मिनट पकाएं, फिर अलग रख लें। इससे दालों के बाहरी बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं और उनका कुरकुरापन बना रहता है।
- तड़का लगाएं: एक कड़ाही में 1 छोटा चम्मच तेल मध्यम आंच पर गरम करें। राई और जीरा डालें। चटकने पर हींग, कढ़ी पत्ता और अदरक-लहसुन-मिर्च का पेस्ट डालकर 1 मिनट तक भूनें।
- मसाला ग्रेवी (वाटप) तैयार करें: बारीक कटा प्याज और कद्दूकस नारियल डालें। 3 से 4 मिनट तक प्याज को सुनहरा और नारियल को खुशबूदार होने तक भूनें। इसके बाद टमाटर, हल्दी, कश्मीरी लाल मिर्च, गोडा मसाला और सेंधा नमक डालकर टमाटर के गलने तक पकाएं।
- उसल पकाएं: भाप दी हुई अंकुरित दालें, गुड़ और 1/2 कप (120 मिली) गुनगुना पानी मिलाएं। ढककर धीमी आंच पर 5 मिनट पकाएं ताकि दालें मसालों का स्वाद सोख लें।
- परोसें: गैस बंद करें। ऊपर से 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस और हरा धनिया डालें। गरमा-गरम उसल को ज्वार या बाजरे की भाकरी, चपाती या भूरे चावल के साथ परोसें।