तैयारी का समय 10 मिनट (1 घंटा भिगोने का समय)
पकाने का समय 20 मिनट
सर्विंग्स 2

पोषण मूल्य (प्रति सर्विंग)

प्रोटीन 13g
कार्ब्स 34g
फैट्स 5g
कैलोरी 225 kcal
फाइबर 10g

रसोइये के लिए निर्देश

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  • चना दाल को 1 घंटा पहले भिगोएं ताकि पकने के बाद दाल का दाना नरम रहे लेकिन घुले नहीं।
  • पालक को अंत में हल्का पकाएं ताकि उसका प्राकृतिक हरा रंग और पोषक तत्व सुरक्षित रहें।
  • गैस बंद करने के बाद ही नींबू का रस मिलाएं, जिससे दाल में मौजूद आयरन का अवशोषण शरीर में कई गुना बढ़ जाता है।

सामग्री

  • 80 ग्राम (1 घंटा भीगी हुई)
  • 200 ग्राम (धोकर बारीक कटा हुआ)
  • 1 छोटा (50 ग्राम, बारीक कटा)
  • 1 मध्यम (80 ग्राम, बारीक कटा)
  • 5–6 कलियां लहसुन (15 ग्राम, बारीक कटा), 1 इंच अदरक (कद्दूकस)
  • 1 चीरी हुई हरी मिर्च, 1 साबुत सूखी लाल मिर्च
  • 1 छोटा चम्मच (5 मिली)
  • 1/2 छोटा चम्मच जीरा, 1/4 छोटा चम्मच हींग
  • 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला
  • 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस (15 मिली), स्वादानुसार नमक

बनाने की विधि

चना दाल के पौष्टिक गुणों और ताजे पालक के मेल से तैयार एक संपूर्ण, स्वादिष्ट और सुपाच्य पारंपरिक दाल। सरसों के तेल में भुने लहसुन और हींग-जीरे के तड़के से भरपूर यह 100% शाकाहारी व्यंजन बिना घी या मक्खन के भी लाजवाब स्वाद और पोषण देता है।

मुख्य पोषण लाभ

  • 13 ग्राम वनस्पति प्रोटीन: चना दाल में मौजूद संपूर्ण अमीनो एसिड और धीमा पचने वाला प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण और लंबे समय तक तृप्ति बनाए रखने में मदद करता है।
  • 5.1 मिलीग्राम जैव-सुलभ आयरन: पालक और चना दाल के नॉन-हीम आयरन को ताजे नींबू के रस (विटामिन सी) के साथ मिलाने से शरीर में आयरन का अवशोषण 3 से 4 गुना तेज हो जाता है।
  • ल्यूटिन और कैरोटीनॉयड से भरपूर: ताजे पालक में मौजूद ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन आंखों के स्वास्थ्य के लिए उत्तम हैं, जिनका अवशोषण सरसों के तेल के स्वस्थ वसा से और सुगम होता है।
  • 10 ग्राम घुलनशील और प्रतिरोधी फाइबर: उच्च एमाइलोज स्टार्च आंतों के मित्र बैक्टीरिया को पोषण देता है और भोजन के बाद रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) को नियंत्रित रखता है।

बनाने की विधि

  1. दाल उबालना: 80 ग्राम चना दाल को धोकर 1 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। पानी छानकर कुकर में 300 मिली पानी, 1/4 छोटा चम्मच हल्दी और 1/2 छोटा चम्मच सेंधा नमक के साथ डालें। मध्यम आंच पर 3–4 सीटी आने तक पकाएं जिससे दाल नरम हो जाए लेकिन दाना साबुत रहे। गैस बंद करें और भाप अपने आप निकलने दें।
  2. तड़का लगाना: एक कड़ाही में 1 छोटा चम्मच सरसों का तेल धुआं उठने तक गरम करें, फिर आंच धीमी करें। इसमें 1/2 छोटा चम्मच जीरा, 1 साबुत सूखी लाल मिर्च और 1/4 छोटा चम्मच हींग डालें। मसालों को 10 सेकंड चटकने दें।
  3. मसाला भूनना: बारीक कटा लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालें। लहसुन को हल्का सुनहरा होने तक 1 मिनट भूनें। अब बारीक कटा प्याज डालें और मध्यम आंच पर 3–4 मिनट तक नरम व पारदर्शी होने तक पकाएं।
  4. टमाटर गलाना: कटा टमाटर, बची हुई 1/4 छोटा चम्मच हल्दी और 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर मिलाएं। टमाटर के गलने और मसाले के एकसार होने तक 3–4 मिनट पकाएं।
  5. पालक पकाना: कड़ाही में 200 ग्राम बारीक कटा पालक डालें। मध्यम आंच पर 2 मिनट चलाएं जब तक पालक की पत्तियां नरम न हो जाएं।
  6. दाल मिलाना और परोसना: उबली हुई चना दाल को पानी सहित कड़ाही में डालें और 1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला मिलाएं। करछुल के पिछले हिस्से से दाल के कुछ दानों को हल्का दबा दें जिससे ग्रेवी स्वाभाविक रूप से गाढ़ी हो जाए। धीमी आंच पर 4–5 मिनट तक पकने दें। गैस बंद करके ऊपर से 1 बड़ा चम्मच ताजा नींबू का रस मिलाएं। गरमा-गरम दाल को फुल्का रोटी या उबले चावल के साथ परोसें।